दादी तुम क्यों रूठ गई
मुझे छोड़ क्यों चली गई
आकर मुझे खिलाओ ना
गोद में मुझे झुलाओ ना
दादी वापिस आओ ना।
सूरज कैसे उगता है
कैसे चाँद चमकता है
पारियाँ कहाँ से आती है
आकर मुझे बताओ ना
दादी वापिस आओ ना।
चिड़ियाँ कैसे गाती है
कैसे गाय रम्भाती है
बिल्ली किससे डरती है
आकर मुझे बताओ ना
दादी वापिस आओ ना।
प्यारी-प्यारी बातें करके
खाना मुझे खिलाओ ना
मीठी मीठी लोरी गा कर
मुझको नींद सुलाओ ना
दादी वापिस आओ ना।
किसको चाय बना कर दूंगी
कौन कहेगा वाह ! वाह ! वाह
कौन कहेगा गुड़िया रानी
अब तुम ही बतलाओ ना
दादी वापिस आओ ना।
(आयशा के दादीजी ३०जनवरी,२०१४ को अमेरिका से आई । १४ महीने की आयशा को पहली बार देखा।
६ जुलाई,२०१४ को उनका परलोक गमन हो गया। केवल ५ महीने ६ दिन आयशा के साथ रही । १९ महीने
की आयशा को कैसे याद रहेगा कि उसकी दादी उसे कितना अधिक प्यार करती थी। )
मुझे छोड़ क्यों चली गई
आकर मुझे खिलाओ ना
गोद में मुझे झुलाओ ना
दादी वापिस आओ ना।
सूरज कैसे उगता है
कैसे चाँद चमकता है
पारियाँ कहाँ से आती है
आकर मुझे बताओ ना
दादी वापिस आओ ना।
चिड़ियाँ कैसे गाती है
कैसे गाय रम्भाती है
बिल्ली किससे डरती है
आकर मुझे बताओ ना
दादी वापिस आओ ना।
खाना मुझे खिलाओ ना
मीठी मीठी लोरी गा कर
मुझको नींद सुलाओ ना
दादी वापिस आओ ना।
किसको चाय बना कर दूंगी
कौन कहेगा वाह ! वाह ! वाह
कौन कहेगा गुड़िया रानी
अब तुम ही बतलाओ ना
दादी वापिस आओ ना।
(आयशा के दादीजी ३०जनवरी,२०१४ को अमेरिका से आई । १४ महीने की आयशा को पहली बार देखा।
६ जुलाई,२०१४ को उनका परलोक गमन हो गया। केवल ५ महीने ६ दिन आयशा के साथ रही । १९ महीने
की आयशा को कैसे याद रहेगा कि उसकी दादी उसे कितना अधिक प्यार करती थी। )
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